महात्मा गांधी Written by AMBUJ SIINGH www.studynovelty.com भूमिका महात्मा गांधी, जिन्हें विश्व “महात्मा” (रविंद्रनाथ टैगोर द्वारा चंपारण सत्याग्रह की सफलता पर गांधीजी को दी गई उपाधि) अर्थात् “महान आत्मा” के नाम से जानता है, केवल भारत के नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए एक नैतिक और आध्यात्मिक प्रकाशपुंज रहे। रवीन्द्रनाथ टैगोर ने कहा था, “गांधीजी केवल एक राजनैतिक नेता नहीं, बल्कि एक ऐसी आत्मा हैं जो सत्य और अहिंसा के मार्ग से मानवता को दिशा दे रही है, इसलिए वे महात्मा हैं।” उन्होंने सत्य, अहिंसा, प्रेम और करुणा के सिद्धांतों पर आधारित जीवन जिया और मानव सभ्यता को एक नई दिशा दी। उनका जीवन दर्शन केवल एक राजनैतिक आंदोलन तक सीमित नहीं था, बल्कि यह नैतिक पुनर्जागरण का प्रतीक था। उन्होंने यह सिद्ध कर दिखाया कि सत्य और अहिंसा जैसे नैतिक आदर्श भी राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तन ला सकते हैं। गांधीजी के जीवन और विचारों का प्रभाव आज भी विश्व के कोने-कोने में महसूस किया जाता है। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात...
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