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India 2026

                      भारत 2026                          1. भारत भूमि और उसके निवासी भारत का क्षेत्रफल - 3287263 वर्ग किलोमीटर  आकार की दृष्टि से विश्व में सातवां स्थान जनसंख्या की दृष्टि से विश्व में प्रथम स्थान  उत्तर से दक्षिण तक अक्षांशीय विस्तार लगभग 3214 किलोमीटर  पूर्व से पश्चिम तक देशांतरीय विस्तार लगभग 2933 किलोमीटर  स्थलीय सीमा लगभग 15200 किलोमीटर  तट रेखा की कुल लंबाई 11098.81 किलोमीटर 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या 121.09 करोड़  जनसंख्या का 68.9% ग्रामीण क्षेत्रों में तथा 31.1% शहरी क्षेत्रों में रहता है। भारत की जनसंख्या की दृष्टि की वृद्धि दर 17.97 प्रतिशत 2036 तक देश की जनसंख्या 1522.3 मिलियन होने का अनुमान भारत का क्षेत्रफल विश्व क्षेत्रफल का 2.4% है। भारत की जनसंख्या विश्व की जनसंख्या का 17.7% है। भारत का जन घनत्व 2011 में 17.7% की दशकीय वृद्धि के साथ 382 प्रति वर्ग किलोमीटर था। भारत में स्त्री-पुरुष अनुपात 2011...
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डॉ भीमराव अंबेडकर

  STUDY NOVELTY  डॉ. भीमराव अंबेडकर : सामाजिक–धार्मिक विमर्श, आर्थिक चिंतन और आधुनिक भारत का वैचारिक शिल्पकार डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर आधुनिक भारत के उन महानतम बुद्धिजीवियों में से एक थे जिनकी चिंतन-परंपरा समाज, राजनीति, अर्थशास्त्र, धर्म और इतिहास के विविध क्षेत्रों को एक साथ छूती है। उनका जीवन संघर्ष, अध्ययन, सामाजिक प्रश्नों की गहरी समझ और मानवता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का संगम था। अंबेडकर की बौद्धिक यात्रा केवल दलित समाज के उद्धार का प्रयास नहीं थी; वह पूरे राष्ट्र के पुनर्निर्माण की वैचारिक परियोजना थी। उनकी कृतियाँ उनके चिंतन का व्यापक स्वरूप प्रस्तुत करती हैं और आधुनिक भारत के निर्माण में उनका निर्णायक योगदान स्पष्ट करती हैं। डॉ अंबेडकर की प्रमुख कृतियां हैं : Waiting for a Visa The Annihilation of Caste Riddle of the Shudras Riddles in Hinduism The Problem of the Rupee Pakistan or the Partition of India सामाजिक पृष्ठभूमि और व्यक्तित्व का निर्माण अंबेडकर का जन्म ऐसे समाज में हुआ जहाँ उन्हें अछूत होने के कारण भेदभाव और अपमान का सामना करना पड़ा। बचपन में स्कूल में अलग ब...

अभिनेता धर्मेंद्र

  धर्मेंद्र : एक सपना, एक संघर्ष, एक अमर मुस्कान गाँव की मिट्टी से सपनों की उड़ान तक पंजाब के साहनेवाल कस्बे में जन्मे धर्मेंद्र का बचपन बिल्कुल साधारण था—खेतों की खुशबू, मिट्टी की सौंधी ऊर्जा और परिवार की उम्मीदें। उन्हें अपने गाँव से बेहद प्रेम था, और यही प्रेम उनकी आत्मा का आधार बना। उनकी आँखों में एक सपना था—“पर्दे पर चमकना”—पर इतना बड़ा सपना किसी छोटे कस्बे में खुलकर सपने जैसा ही लगता था। पर कवि हरिवंश राय बच्चन ने कहा है न कि “हर बड़ा सपना अक्सर छोटी जगहों की खामोशी में जन्म लेता है, और किसी बड़ी जगह पर साकार रूप लेता है।” बस इसी तरह से धर्मेंद्र की कहानी शुरू होती और आकार लेती है। चुनौतियों की राह पर पहला कदम गाँव से मुंबई की यात्रा आसान नहीं थी। जेब में थोड़े पैसे, दिल में हज़ार उम्मीदें और मन में यह विश्वास कि “कुछ बनकर ही लौटूँगा।” मुंबई जैसे विशाल शहर में संघर्ष उनकी परीक्षा था। कई दफ़ा स्टूडियो के बाहर घंटों इंतज़ार—कभी अवसर नहीं, कभी पहचान नहीं। लेकिन धर्मेंद्र हार नहीं माने। उनके भीतर का हीरो पहले मन में पैदा हुआ, और फिर वह पर्दे पर उभरा। इस बात पर मिर्ज़ा  ग़ालि...

महात्मा गांधी

             महात्मा गांधी Written by AMBUJ SIINGH  www.studynovelty.com भूमिका महात्मा गांधी, जिन्हें विश्व “महात्मा” (रविंद्रनाथ टैगोर द्वारा चंपारण सत्याग्रह की सफलता पर गांधीजी को दी गई उपाधि) अर्थात् “महान आत्मा” के नाम से जानता है, केवल भारत के नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए एक नैतिक और आध्यात्मिक प्रकाशपुंज रहे। रवीन्द्रनाथ टैगोर ने कहा था, “गांधीजी केवल एक राजनैतिक नेता नहीं, बल्कि एक ऐसी आत्मा हैं जो सत्य और अहिंसा के मार्ग से मानवता को दिशा दे रही है, इसलिए वे महात्मा हैं।” उन्होंने सत्य, अहिंसा, प्रेम और करुणा के सिद्धांतों पर आधारित जीवन जिया और मानव सभ्यता को एक नई दिशा दी। उनका जीवन दर्शन केवल एक राजनैतिक आंदोलन तक सीमित नहीं था, बल्कि यह नैतिक पुनर्जागरण का प्रतीक था। उन्होंने यह सिद्ध कर दिखाया कि सत्य और अहिंसा जैसे नैतिक आदर्श भी राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तन ला सकते हैं। गांधीजी के जीवन और विचारों का प्रभाव आज भी विश्व के कोने-कोने में महसूस किया जाता है। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात...