Study Novelty By : Ambuj Kumar Singh राजपूत काल - 29/07/2021 ★ कल्हण की 'राजतरंगिणी' के अनुसार कश्मीर के कार्कोट वंशीय शासक ललितादित्य 'मुक्तापीड' के दरबार में काबुल के हिंदूशाही वंश राजकुमार नौकरी किया करते थे। ★ अल्बरूनी काबुल के अंतिम तुर्कीशाही राजा का नाम लगर्तूमान बताता है, जिसका कल्लर नामक एक योग्य ब्राह्मण मंत्री भी था। जब लगर्तूमान के बुरे व्यवहार से प्रजा असंतुष्ट हो गई, तो इस परिस्थिति का फायदा उठाकर कल्लर ने उसे कैद कर लिया और स्वयं राजा बन गया, जिसने हिंदूशाही या ब्राह्मणशाही नामक ने नए राजवंश की स्थापना की। ★ मिहिरभोज के ग्वालियर प्रशस्ति में गुर्जर प्रतिहारों को राम के छोटे भाई लक्ष्मण से जोड़ा गया है, जिन्होंने इंद्र के मद को चूर करने वाले मेघनाथ के विरुद्ध युद्ध कर शत्रुओं को रोकने में प्रतिहार अर्थात द्वारपाल की भूमिका निभाई थी। ★ चौहानवंशीय चंदनराज की रानी रुद्राणी या आत्माप्रभा महान शिव भक्त थी और एक योगिनी के रूप में प्रसिद्ध थी, जो पुष्कर तालाब के चारों ओर अंधकार को दूर करने के लिए 1000 प्रकाश स्तंभों की स्थापना करवाई थी। ★ चौहानवंशीय शासक अजयराज न...
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