Skip to main content

Posts

महात्मा गांधी

             महात्मा गांधी Written by AMBUJ SIINGH  www.studynovelty.com भूमिका महात्मा गांधी, जिन्हें विश्व “महात्मा” (रविंद्रनाथ टैगोर द्वारा चंपारण सत्याग्रह की सफलता पर गांधीजी को दी गई उपाधि) अर्थात् “महान आत्मा” के नाम से जानता है, केवल भारत के नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए एक नैतिक और आध्यात्मिक प्रकाशपुंज रहे। रवीन्द्रनाथ टैगोर ने कहा था, “गांधीजी केवल एक राजनैतिक नेता नहीं, बल्कि एक ऐसी आत्मा हैं जो सत्य और अहिंसा के मार्ग से मानवता को दिशा दे रही है, इसलिए वे महात्मा हैं।” उन्होंने सत्य, अहिंसा, प्रेम और करुणा के सिद्धांतों पर आधारित जीवन जिया और मानव सभ्यता को एक नई दिशा दी। उनका जीवन दर्शन केवल एक राजनैतिक आंदोलन तक सीमित नहीं था, बल्कि यह नैतिक पुनर्जागरण का प्रतीक था। उन्होंने यह सिद्ध कर दिखाया कि सत्य और अहिंसा जैसे नैतिक आदर्श भी राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तन ला सकते हैं। गांधीजी के जीवन और विचारों का प्रभाव आज भी विश्व के कोने-कोने में महसूस किया जाता है। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात...

भगत सिंह की जयंती/28 सितंबर

  शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती (28 सितंबर ) Written by AMBUJ SIINGH  www.studynovelty.com भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को हुआ था। उनके पिता का नाम किशन सिंह और माता का नाम विद्यावती कौर था। उनके चाचा मशहूर क्रांतिकारी नेता अजीत सिंह थे। उनके बचपन का नाम भगत लाल था। नेशनल कॉलेज लाहौर से उनकी पढ़ाई हुई थी। उन्हें हिंदी, उर्दू, पंजाबी के अलावा अंग्रेजी और संस्कृत भाषा का भी अच्छा ज्ञान था। भगत सिंह अपने क्रांतिकारी चाचा अजीत सिंह से प्रेरित थे। 13 अप्रैल 1919 को हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड का भी उनके बाल मन पर काफी गहरा असर पड़ा था। 4 फरवरी 1922 को हुई चौरीचौरा घटना के बाद जब गांधी जी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया, तो भारत में पुनः एक बार क्रांतिकारी गतिविधियों शुरू हो गईं और यहीं से शुरू हुआ भगत सिंह का क्रांतिकारी सफर। किंतु 1924 के दौरान भगत सिंह को अंग्रेजों के विरुद्ध क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लेता देख उनके परिवार ने इन पर विवाह करने के लिए परिवार का दबाव डालना शुरू कर दिया। ऐसे में भगत सिंह ने घर छोड़ दिया और कानपुर आ गए। उस समय कानपुर में गणेश शंकर विद्यार्थी का स...

25 सितंबर/पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती/अंत्योदय दिवस

पंडित दीनदयाल उपाध्याय Written by AMBUJ SIINGH   www.studynovelty.com प्रारंभिक जीवन और शिक्षा दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को धनकिया नामक स्थान पर जयपुर अजमेर रेलवे लाइन के पास (राजस्थान) हुआ था। नागला चंद्रभान (मथुरा) दीनदयाल जी का पैतृक गांव था। इनके पिता भगवती प्रसाद उपाध्याय सहायक स्टेशन मास्टर थे और माता रामप्यारी एक धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थीं। बचपन में ही माता-पिता का देहांत हो जाने के कारण उनका पालन-पोषण नाना-नानी और चाचा ने किया। प्रारंभिक शिक्षा गंगा मध्य विद्यालय, सिकंदरा में हुई। बाद में उन्होंने पिलानी के बिरला कॉलेज से इंटरमीडिएट किया। इसके बाद कानपुर से स्नातक और आगरा विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ाव दीनदयाल उपाध्याय विद्यार्थी जीवन में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गए। उनका व्यक्तित्व सरल, ईमानदार और सेवाभावी था, जिससे वे शीघ्र ही प्रचारक के रूप में संघ के प्रमुख कार्यकर्ताओं में गिने जाने लगे। वे जनसंघ और संघ के सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार में सक्रिय रूप से योगदान देने...

29 अगस्त/राष्ट्रीय खेल दिवस/मेजर ध्यानचंद की जयंती

            मेजर ध्यानचंद : हॉकी के जादूगर By AMBUJ KUMAR SINGH  www.studynovelty.com ना शोहरत का नशा, ना दौलत का अभिमान, खेल को ही समझा उन्होंने सबसे बड़ा सम्मान। स्टिक के जादूगर, मैदान के बादशाह, फिर भी सादगी से भरी था उनकी हर एक राह। ये चार पंक्तियां भारतीय खेल जगत के एक ऐसे खिलाड़ी की ओर संकेत करती हैं, जिसका नाम खेल इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में लिखा गया है। जी हां, हम बात कर रहे हैं मेजर ध्यानचंद की, जिन्हें पूरी दुनिया 'हॉकी का जादूगर' कहकर याद करती है। हॉकी की बॉल उनके स्टिक से इस प्रकार चलती थी, मानो वह स्टिक से चिपक गई हो। जर्मनी के तानाशाह हिटलर से लेकर विश्व के अनेक बड़े खिलाड़ी और नेता उनकी प्रतिभा के कायल थे। ध्यानचंद न केवल भारत के लिए तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक लेकर आए, बल्कि उन्होंने खेल को भारतीय आत्मा और गौरव का प्रतीक बना दिया। प्रारंभिक जीवन और छात्र अवस्था ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में हुआ। उनके पिता समेश्वर सिंह स्वयं ब्रिटिश भारतीय सेना में सिपाही थे और हॉकी खेलते थे। पिता से ही ध्यानचंद को हॉकी का सं...

सद्भावना दिवस/राजीव गांधी का जन्म दिवस (20 अगस्त)

सद्भावना दिवस/राजीव गांधी का जन्म दिवस (20 अगस्त) By AMBUJ KUMAR SINGH  www.studynovelty.com पारिवारिक पृष्ठभूमि   राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944, मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) में हुआ था। उनके पिता फिरोज गांधी प्रसिद्ध संसदीय नेता और पत्रकार थे। उनकी माता इंदिरा गांधी थीं, जो बाद में भारत की प्रधानमंत्री बनीं। उनके दादा पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे। इस प्रकार राजीव गांधी ऐसे परिवार से थे, जो भारतीय राजनीति के केंद्र में रहा। पर उससे भी महत्वपूर्ण बात यह थी कि अपने युवावस्था के प्रारंभिक दिनों में वह इस राजनीतिक चकाचौंध से बेहद दूर अपनी तकनीकी दुनिया में ही खुश और संतुष्ट थे। राजनीति में उनका प्रवेश तत्कालीन परिस्थितियों के कारण हुआ था। राजीव गांधी की शिक्षा-दीक्षा राजीव गांधी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शिव निकेतन स्कूल, देहरादून से प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने आगे की शिक्षा भारत के प्रतिष्ठित लड़कों के बोर्डिंग स्कूल दून स्कूल, देहरादून (भारत का ईटन कॉलेज के नाम से चर्चित) जहाँ बाद में उनके छोटे भाई संजय गांधी भी पढ़े। उच्च शिक्षा हेतु कैम्ब्रिज विश्वविद...

भारत में लोकतंत्र, चुनाव और जाति Democracy, Elections and Caste in India

  भारत में लोकतंत्र चुनाव और जाति Democracy, Election and Caste in India  By : AMBUJ KUMAR SINGH   संप्रभुता के स्रोत के आधार पर जिन शासन प्रणालियों की संकल्पना संरचित की गई है, उनमें एक लोकतंत्र भी है। चुनाव लोकतंत्र की धुरी है, जिसके माध्यम से लोक कल्याण की अवधारणा को सिद्ध करने का प्रयास किया जाता है। किंतु भारत में विभिन्न जातियों में बँटे समाज एवं राजनीति के जातीयकरण से लोकतंत्र के मूल उद्देश्यों की प्राप्ति में बाधा आती रही है, और यहां की लोकतांत्रिक व्यवस्था की यही सबसे बड़ी विडंबना है। लोकतंत्र को सीमित अर्थों में, इसके राजनीतिक पहलू पर बल देते हुए, एक शासन-प्रणाली के रूप देखा जाता है। शाब्दिक रूप से 'डेमोक्रेसी' (Democracy) 'डेमोस' (Demos) और 'क्रेटोस' (Cratos) शब्द से मिलकर बना है। डेमोस का अर्थ है - जनता तथा क्रेटोस का अर्थ है - शासन। इस प्रकार डेमोक्रेसी का अर्थ हुआ - जनता का शासन। लोकतंत्र की सर्वाधिक लोकप्रिय परिभाषा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने 1863 ई के गेट्सवर्ग संबोधन में देते हुए, इसे जनता द्वारा, जनता के लिए और जनता का शासन कह...

Monthly Current Affairs December - 2021 | मासिक समसामयिकी दिसम्बर - 2021

  मुफ्त पीडीएफ डाउनलोड अंत में उपलब्ध है। विश्व 25 अक्टूबर 2021 को सूडान की सेना के जनरल अब्देल फतह बुरहान ने टेलीविजन पर यह घोषणा की कि प्रधानमंत्री अब्दल्ला हमदूक के नेतृत्व वाली सरकार भंग हो रही है। इस सैन्य तख्तापलट की संयुक्त राष्ट्र संघ, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने निंदा की है। अमेरिका ने सूडान को 70 करोड़ डॉलर की सहायता राशि भेजी है। 21 अक्टूबर 2021 को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान की ग्रे लिस्ट को बरकरार रखा है। ऐसा पाकिस्तान द्वारा FATF 34 सूत्रीय एजेंडे में से 24  तक अब तक कोई काम न करने की वजह से किया गया है। पाकिस्तान को 2018 में ही ग्रे लिस्ट में डाल दिया गया था। इस सूची से बोत्सवाना और मॉरीशस को बाहर कर दिया गया है जबकि तुर्की, माली और जॉर्डन को जोड़ दिया गया है। 17 अक्टूबर 2021 को पहली बार किसी फिल्म (द चैलेंज) की शूटिंग स्पेस में हुई है। इस फिल्म के कुछ हिस्सों को इंटरनेशनल स्पेस सेंटर में 5 अक्टूबर 2021 से 12 दिनों तक फिल्माया गया है। इस फिल्म का निर्देशन शिपेंको कर रहे हैं जबकि फिल्म की अभिनेत्री यूलिया पेरेसिल्ड हैं। 15 अक्टूबर 2021 को वि...