भारत 2026
1. भारत भूमि और उसके निवासी
भारत का क्षेत्रफल - 3287263 वर्ग किलोमीटर
आकार की दृष्टि से विश्व में सातवां स्थान जनसंख्या की दृष्टि से विश्व में प्रथम स्थान
उत्तर से दक्षिण तक अक्षांशीय विस्तार लगभग 3214 किलोमीटर
पूर्व से पश्चिम तक देशांतरीय विस्तार लगभग 2933 किलोमीटर
स्थलीय सीमा लगभग 15200 किलोमीटर
तट रेखा की कुल लंबाई 11098.81 किलोमीटर
2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या 121.09 करोड़
जनसंख्या का 68.9% ग्रामीण क्षेत्रों में तथा 31.1% शहरी क्षेत्रों में रहता है।
भारत की जनसंख्या की दृष्टि की वृद्धि दर 17.97 प्रतिशत 2036 तक देश की जनसंख्या 1522.3 मिलियन होने का अनुमान
भारत का क्षेत्रफल विश्व क्षेत्रफल का 2.4% है।
भारत की जनसंख्या विश्व की जनसंख्या का 17.7% है।
भारत का जन घनत्व 2011 में 17.7% की दशकीय वृद्धि के साथ 382 प्रति वर्ग किलोमीटर था।
भारत में स्त्री-पुरुष अनुपात 2011 में बढ़कर 943 दर्ज किया गया जबकि बच्चों में यह अनुपात घटकर 919 हो गया है।
2011 की जनगणना के अनुसार देश में साक्षरता की दर 73% है।
2011 की जनगणना में प्रवासन जनसांख्यिकी 141.9 मिलियन थी।
2023 में प्रजनन दर के 1.9 हो जाने पर भारत ने इसके प्रतिस्थापन स्तर को प्राप्त कर लिया है।
भारत में अशोधित जन्म दर 2023 में 18.4 प्रति हजार की जनसंख्या था, जबकि देश में अशोधित मृत्यु दर 2023 में प्रति 1000 की जनसंख्या पर 6.43 थी।
भारत में शिशु मृत्यु दर 2025 में 25 रह गई है।
2. राष्ट्रीय प्रतीक
भारत की संविधान सभा ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रारूप को 22 जुलाई 1947 को अपनाया।
भारतीय झंडा संहिता, 2002 26 जनवरी 2002 से प्रभावित हुई, और इसे 2021 और 2022 में बदला गया।
रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा बांग्ला में रचित एवं संगीतबद्ध जन-गण-मन के हिंदी संस्करण को संविधान सभा ने राष्ट्रगान के रूप में 24 जनवरी 1950 को अपनाया था। यह सर्वप्रथम 27 दिसंबर 1911 को कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था।
बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा संस्कृत में रचित वंदे मातरम पहली बार 1875 में प्रकाशित हुआ और 1896 में कांग्रेस के मंच पर इसे गया गया। 2025 में राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ मनाई गई।
राष्ट्रीय कैलेंडर ग्रेगॅरियन कैलेंडर के साथ-साथ शक संवत पर आधारित एकरूप राष्ट्रीय पंचांग को 22 मार्च 1957 को अपनाया गया।
पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के वन्यजीव विभाग ने बाघ और मोर को देश का राष्ट्रीय पशु एवं राष्ट्रीय पक्षी के रूप में 2011 में पुनः अधिसूचित किया है।
3. राजनीतिक संरचना
भारत में 28 राज्य तथा 8 केंद्रशासित प्रदेश हैं।
12 दिसंबर 2019 को लागू नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 अफगानिस्तान, बांग्लादेश, तथा पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी तथा ईसाई धर्म के अवैध प्रवासियों को भारतीय नागरिकता के लिए पात्र बनाता है जो धार्मिक उत्पीड़न या ऐसे उत्पीड़न के भय से 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत में प्रवेश कर शरण ली थी।
केंद्र के सरकारी कामकाज में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए 1975 में गृह मंत्रालय की अधीन राजभाषा विभाग का गठन किया गया था।
संविधान के अनुच्छेद 263 में अंतर-राज्य परिषद का प्रावधान है जिसकी स्थापना 1990 में केंद्र-राज्य संबंधों पर सरकारिया आयोग द्वारा की गई सिफारिश के अनुसरण में की गई थी।
राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के भाग 3 के तहत 5 क्षेत्रीय परिषदों अर्थात उत्तरी, केंद्रीय, पूर्वी, पश्चिमी एवं दक्षिणी क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना की गई है जिनका उद्देश्य राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देना, तीव्र राज्य चेतना, क्षेत्रवाद, भाषावाद और अलगाववादी प्रवृत्तियों के विकास को रोकना तथा केंद्र और राज्यों के सहयोग करने एवं विचारों और अनुभव को आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाना तथा विकास परियोजनाओं के सफल एवं शीघ्र निष्पादन के लिए राज्यों के बीच सहयोग का वातावरण स्थापित करना है।
पहला नगर निगम 1688 में मद्रास के पूर्व-प्रेसिडेंसी शहर में स्थापित किया गया था। बाद में 1726 में बंबई और कलकत्ता में स्थापित किया गया।
4. रक्षा
22 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले, जिसमें एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोगों की जान चली गई थी, 6-7 मई 2025 की मध्य रात्रि को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया जो 12 मई को समाप्त हुआ।
'रण संवाद' को युद्ध, युद्ध कला और युद्ध कौशल पर युद्ध में शामिल लोगों के बीच संवाद के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसका आयोजन 23-27 अगस्त 2025 को महू में किया गया था।
दुश्मन की घुसपैठ को निष्क्रिय करने और भारत की आक्रामक क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर 'मिशन सुदर्शन चक्र' के शुरुआत की घोषणा की गई।
रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 2024-25 में 23% हो गई है।
2029 तक रक्षा उत्पादन को 3 लाख करोड़ रुपए तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
2029 के लिए रक्षा निर्यात का लक्ष्य 50 हजार करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 के अंत तक रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण हेतु 1.82 लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं।
केंद्रीय बजट 2025-26 में रक्षा मंत्रालय को 6.81 लाख करोड रुपए आवंटित किए हैं जो पिछले बजटीय अनुमान से 9.53% अधिक है और यह केंद्रीय बजट का 13.45% है जो सभी मंत्रालयों में सबसे अधिक है।
रक्षा अधिग्रहण परिषद ने देश की रक्षा तैयारीयों को बढ़ाने के लिए जनवरी 2025 से अब तक कुल 3.84 लाख करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले पूंजीगत अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
भारतीय सुरक्षा बलों ने 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत चक्रवात दितवाह से प्रभावित श्रीलंका के क्षेत्रों को मानवीय सहायता एवं आपदा राहत प्रदान की।
भारत वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना में सैनिकों का चौथा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है।
प्रादेशिक सेना की स्थापना स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचारी ने 1949 में की थी।
5. विधि एवं न्याय
भारत के उच्चतम न्यायालय की पहली बैठक 28 जनवरी 1950 को नई दिल्ली में पुराने संसद भवन के एक हिस्से में हुई जिसे 1958 में तिलक मार्ग स्थित अपने वर्तमान में स्थानांतरित कर दिया गया।
न्यायाधीश सामान्यतः दो या तीन की पीठों में बैठते हैं जबकि संवैधानिक महत्व के विषयों के लिए पांच या अधिक न्यायाधीशों की बड़ी पीठों का गठन किया जाता है।
भारत में 25 उच्च न्यायालय हैं जिनमें से तीन (बंबई, कलकत्ता और गुवाहाटी) का क्षेत्राधिकार एक से अधिक राज्यों पर है।
केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली का अपना उच्च न्यायालय है जबकि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का एक संयुक्त उच्च न्यायालय है जिसकी मुख्य पीठ सर्दियों में जम्मू और गर्मियों में श्रीनगर में होती है।
विधि के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए विधि कार्य विभाग की अधिसूचना द्वारा प्रत्येक 3 वर्ष में भारत के विधि आयोग का गठन किया जाता है, जो अपने अधिदेश के अनुसार सरकार को सिफारिशें करता है। 23वें विधि आयोग का गठन 1 सितंबर 2024 से 31 अगस्त 2027 तक 3 वर्ष की अवधि के लिए किया गया है।
गोवा राज्य में अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु गोवा राज्य की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का 'पुनः समायोजन विधायक, 2024' संसद द्वारा 11 अगस्त 2024 को पारित किया गया और 13 अगस्त 2025 को अधिसूचित किया गया।
महिला आरक्षण विधेयक 106वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम के माध्यम से कानून बन गया है, जिससे संसद, राज्य विधानसभाओं एवं दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की विधानसभा में एक तिहाई सीट आरक्षित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
ईवीएम का पहली बार प्रयोग 1982 में केरल के 70 परूर विधानसभा क्षेत्र में पायलट आधार पर किया गया।
मतदाता सत्यापन योग्य प्रपत्र लेखांकन (वोटर वेरीफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल - वीवीपीएटी) का पहली बार प्रयोग 2013 में नागालैंड के नोक्सेन विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव में हुआ।
निर्वाचन आयोग ने 1993 में मतदाता फोटो पहचान-पत्र (ईपीआईसी) की शुरुआत की थी।
देश में एक साथ चुनाव कराने के मुद्दे पर विचार-विमर्श एवं सुझाव हेतु भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया जिसने सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श एवं परामर्श के उपरांत 14 मार्च 2024 को राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
6. भारत और विश्व
बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
भारत अब म्यांमार का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। मार्च 2025 में भारत ने म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के बाद राहत प्रदान करने के लिए 'ऑपरेशन ब्रह्मा' शुरू किया था।
दुबई के क्राउन प्रिंस और संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री महामहिम शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने अप्रैल 2025 में भारत की अपनी पहली अधिकारी की यात्रा की।
जुलाई 2025 में नामीबिया की अपनी राजकीय यात्रा की अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विंडहोक स्थिति स्टेट हाउस में नामीबिया के राष्ट्रपति से मुलाकात की। यह 27 वर्षों से अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। प्रधानमंत्री ने चीता संरक्षण परियोजना में नामीबिया के सहयोग के लिए राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह का आभार व्यक्त किया। इस दौरान स्वास्थ्य एवं उद्यमिता के क्षेत्र में दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। नामीबिया आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन में शामिल हो गया है और यूपीआई तकनीक अपनाने के लिए लाइसेंसिंग समझौता करने वाला पहला देश बन गया है।
नवंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नाइजीरिया की यात्रा पर गए, जो 17 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नाइजीरिया यात्रा थी। इस दौरान सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, सीमा शुल्क सहयोग और सर्वेक्षण सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जुलाई 2025 में घाना की यात्रा की, जो तीन दशकों में ऐसी पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री ने घाना की संसद के एक विशेष सत्र को संबोधित किया और ऐसा करने वाले पहली भारतीय प्रधानमंत्री बने।
7. मूल आर्थिक आंकड़े
अंतरराष्ट्रीय मूल्य तुलना कार्यक्रम (आईसीपी) 2021 के परिणाम के अनुसार भारत विश्व में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था एवं क्रय शक्ति क्षमता (पीपीपी) आधारित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के संदर्भ में क्षेत्र में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
भारत को लगभग दो दशकों की अंतराल के बाद 2024-27 की अवधि के लिए संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी आयोग के सदस्य के रूप में चुना गया है।
भारत को 2025-27 के कार्यकाल के लिए एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए सांख्यिकी संस्थान की शासी परिषद के सदस्य के रूप में चुना गया है।
सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीस) को 1993 में केंद्र सरकार द्वारा पूर्णतः वित्त पोषित केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में शुरू किया गया था। सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना दिशा-निर्देशों को संशोधित किया गया है और यह वित्तीय वर्ष 2023-24 से लागू है।
8. वित्त
भारत की आकस्मिक निधि की अधिकृति राशि को वित्तीय वर्ष 2021-22 से बढ़कर 30 हजार करोड़ रुपए कर दिया गया है।
जेंडर बजट वर्ष 2005-06 से तथा बाल बजट वर्ष 2009-10 से लागू है।
मार्च 2025 तक सकल गैर निष्पादित आस्तियां (जीएनपीए) घटकर 2.3 प्रतिशत और शुद्ध गैर निष्पादित आस्तियां (एनएनपीए) 0.5% रह गईं, जो 2011-12 के बाद सबसे कम है।
बुनियादी ढांचा निर्माण में तेजी लाने के लिए केंद्रीय बजट 2025-26 में राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) 2.0 (वित्तीय वर्ष 2025-26) शुरू किया गया है, जिसका लक्ष्य 10 लाख करोड़ रुपए रखा गया है।
वर्तमान में यूपीआई भूटान, फ्रांस (ई-कॉमर्स), यूएई, सिंगापुर, श्रीलंका, मॉरीशस, कतर और नेपाल में स्वीकार किया जाता है।
भारत और सिंगापुर के बीच सीमा पर प्रेषण की सुविधा के लिए यूपीआई-पेनाउ इंटर-लिंकेज भी स्थापित किया गया है।
1 जुलाई 2017 को लागू किया गया वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) स्वतंत्रता के बाद भारत का सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष कर सुधार है।
3-4 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में हुई जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में 'नेक्स्ट-जेन जीएसटी सुधार 2.0' को मंजूरी दी गई। इसके तहत एक सरल दो-दर संरचना (5% और 18%) अपनाने का प्रस्ताव शामिल है। यह संशोधित दरें एवं छूठ 22 सितंबर 2025 से लागू की गई।
संसद ने तंबाकू और उसके उत्पादों पर कर 40% बनाए रखने के लिए कानून भी पारित किया है।
केंद्रीय बजट 2025-26 में 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय को आयकर से मुक्त किया गया है। वेतन भोगी करदाताओं के लिए मानक कटौती के कारण यह प्रभावी छूट 12.75 लाख रुपए तक हो जाती है।
पिछले 5 वर्षों में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में 36% की वृद्धि हुई है।
9. कॉरपोरेट कार्य
विदेश में निगमित किसी होल्डिंग कंपनी का भारत में निगमित उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के साथ विलय के लिए केंद्र सरकार (क्षेत्रीय निदेशकों को प्रत्यायोजित) की स्वीकृति आवश्यक होगी। इस प्रक्रिया को रिवर्स फ्लिपिंग कहा जाता है।
10. वाणिज्य
भारत का वैश्विक व्यापार 2024-25 में 1745.16 बिलियन अमेरिकन डॉलर पहुंच गया।
भारत के कुल निर्यात में साल दर साल 6.04% की वृद्धि दर्ज की गई है।
विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के ग्लोबल ट्रेड आउटलुक एंड स्टैटिस्टिक्स (अप्रैल 2025) के अनुसार, 2024 में भारत 1.8% हिस्सेदारी के साथ वैश्विक स्तर पर 18वें स्थान पर है।
प्रमुख निर्यात वस्तुएं - पेट्रोलियम उत्पाद, दूरसंचार उपकरण, औषधियां
प्रमुख गंतव्य - संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड
भारत 2024 में 2.8% की हिस्सेदारी के साथ दुनिया में वाणिज्यिक वस्तुओं के प्रमुख आयातकों में 9वें स्थान पर रहा।
प्रमुख आयात वस्तुएं - कच्चा तेल, सोना पेट्रोलियम उत्पाद
प्रमुख आयात स्रोत - चीन, रूस, संयुक्त अरब अमीरात
भारत सेवा निर्यात में 8वें (4.3% की हिस्सेदारी) और आयात में 9वें स्थान (3.4% की हिस्सेदारी) पर रहा।
भारत ने अब तक 15 मुक्त व्यापार समझौतों एफटीए और 6 अधिमान्य व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें से नवीनतम 'भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ' के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (ईएफटीए टीईपीए); और यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (यूके सीईटीए) हैं।
11. उद्योग
केंद्रीय बौद्धिक संपदा प्रशिक्षण अकादमी नागपुर में है।
पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 2024-25 के दौरान खनन, विनिर्माण और बिजली में क्रमशः 3%, 4.1% और 5.2% की वृद्धि हुई है।
कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली जैसे 8 प्रमुख उद्योगों से संबंधित सूचकांक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के सूचकांक में 2030-24 की तुलना में 4.5% की वृद्धि दर्ज की गई है। 6 क्षेत्रों में सकारात्मक वृद्धि रही जबकि कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में संकुचन देखा गया है।
केंद्रीय बजट 2025-26 में प्रस्तावित अनुसार, सरकार ने अप्रैल 2025 से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के वर्गीकरण के लिए अद्यतन मानदंडों को निम्नलिखित रूप में अधिसूचित किया है; (क) सूक्ष्म उद्यम वह है जिसमें संयंत्र और मशीनरी या उपकरण में निवेश 2.5 करोड़ रुपए से अधिक नहीं होता है और टर्नओवर 10 करोड़ रुपए से अधिक नहीं होता; (ख) लघु उद्यम वह है जिसमें संयंत्र और मशीनरी या उपकरण में निवेश 25 करोड़ रुपए से अधिक नहीं होता है और टर्नओवर 100 करोड़ रुपए से अधिक नहीं होता है; और (ग) मध्यम उद्यम वह है जिसमें संयंत्र और मशीनरी या उपकरण में निवेश 125 करोड़ रुपए से अधिक नहीं होता और टर्नओवर 500 करोड़ रुपए तक होता है।
6.5 करोड़ से अधिक उद्यमों वाला भारतीय एमएसएमई क्षेत्र सेवा क्षेत्र के बाद देश की अर्थव्यवस्था में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। एमएसएमई क्षेत्र भारत के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30%, भारत के निर्यात में लगभग 46% और रोजगार सृजन में कृषि क्षेत्र से ठीक पीछे 28 करोड़ लोगों को रोजगार का योगदान देता है।
भारत वैश्विक स्तर पर कपड़ा एवं परिधान का छठा सबसे बड़ा निर्यातक है जिसका हस्तशिल्प सहित देश के कुल निर्यात में 2024-25 में 8.63% का योगदान है। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार में 4.5% की हिस्सेदारी रखता है जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ भारत के कपड़ा एवं परिधान निर्यात का लगभग 50% हिस्सा हैं। यह 4.5 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देता है। कपड़ा मंत्रालय का लक्ष्य 2030 तक भारत को एक वैश्विक कपड़ा विनिर्माण हब के रूप में स्थापित करना है।
देश का योगदान कुल फाइबर उत्पादन में लगभग 20% है।
भारत ऊन उत्पादन करने वाला 9वां सबसे बड़ा देश है जहां 2023-24 में 33.98 मिलियन किलोग्राम कच्चा ऊन उत्पादित हुआ।
149.4 एमटी के उत्पादन के साथ, भारत 2024 में कच्चे इस्पात का चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक था।
भारत ने 2030 तक गैर-जीवाश्म स्रोतों से संचयी विद्युत ऊर्जा की स्थापित क्षमता का 50% प्राप्त करने की प्रतिबद्धता जताई है।
12. श्रम, कौशल विकास और रोजगार
भारत सरकार द्वारा 15 अगस्त 2025 को 99446 करोड़ रुपए के बजट के साथ शुरू की गई 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' का मुख्य उद्देश्य नियोक्ताओं और कर्मचारी दोनों को आर्थिक प्रोत्साहन देना है। अगले दो वर्षों में सभी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत कर 3.5 करोड़ नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष बल दिया गया है।
'आत्मनिर्भर भारत 3.0' पैकेज के हिस्से के रूप में 'आत्मनिर्भर भारत योजना' की घोषणा अर्थव्यवस्था को गति देने, कोविड के बाद सुधार के चरण में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने तथा सामाजिक सुरक्षा लाभों के साथ नए रोजगार के अवसरों को प्रोत्साहित करने तथा कोविड के दौरान छूटे हुए रोजगारों को बहाल करने के लिए की गई थी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के माध्यम से कार्यान्वित इस योजना ने नियुक्ताओं के वित्तीय बोझ को कम किया और उन्हें श्रमिकों को काम पर रखने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके अंतर्गत भारत सरकार ने दो वर्षो की अवधि के लिए ईपीएफओ पंजीकृत प्रतिष्ठानों की कर्मचारी संख्या के आधार पर कर्मचारियों के हिस्से (मजदूरी का 12%) और नियोक्ता के हिस्से (मजदूरी का 12%) दोनों का का या केवल कर्मचारियों के हिस्से के योगदान का भुगतान किया।
भारत में सामाजिक संरक्षा कवरेज में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है जो वर्ष 2015 की 19% से बढ़कर 2025 में 64.3% तक पहुंच गई है और अब भारत अपने नागरिकों को सामाजिक संरक्षा प्रदान करने के मामले में चीन के बाद विश्व में दूसरे स्थान पर है।
28.7 वर्ष की औसत आयु के साथ भारत दुनिया के सबसे युवा देश में एक है, जो आर्थिक विकास और वैश्विक नेतृत्व के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है।
13. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना दुनिया की सबसे बड़ी जन स्वास्थ्य सेवा योजना है जिसका उद्देश्य प्रति पात्र परिवार को सालाना 5 लाख रुपए तक स्वास्थ्य बीमा प्रदान करना है। यह योजना 23 सितंबर 2018 को शुरू की गई थी। ओडिशा और दिल्ली के अप्रैल 2025 में शामिल होने के साथ यह योजना 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की जा चुकी है। वर्तमान में यह योजना 15.14 करोड़ पात्र परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने पर द्वितीयक और तृतीयक देखभाल के लिए प्रति परिवार प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है। योजना का वित्त पोषण केंद्र और राज्य सरकारों के बीच साझा किया जाता है। उत्तर-पूर्व क्षेत्र के राज्यों और उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश जैसे दो हिमालय राज्यों को छोड़कर जहां यह अनुपात 90:10 है, सभी राज्यों के लिए केंद्र और राज्य के हिस्से का अनुपात 60:40 है। बिना विधायिका वाले केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्रीय योगदान 100% है, जबकि विधायिका वाले केंद्र शासित प्रदेशों में योगदान 60:40 है। जम्मू कश्मीर में यह हिस्सा 90:10 है।
'मुस्कान' पहल का उद्देश्य 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में रोकथाम योग्य नवजात और बाल रुग्णता और मृत्यु दर को कम करने के लिए जन स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्तापूर्ण बाल-अनुकूल सेवाओं का प्रावधान सुनिश्चित करना है।
सोवा रिग्पा 2500 वर्षों से भी अधिक पुरानी विद्यमान स्वास्थ परंपरा है, जो हिमालयी क्षेत्र; विशेष रूप से लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, दार्जिलिंग आदि में प्रचलित है। यह दमा, ब्रोंकाइटिस, गठिया आदि जैसे दीर्घकालिक रोगों के प्रबंधन में प्रभावी है।
14. शिक्षा
देश में शुरुआत में शिक्षा केवल राज्य सूची का विषय थी। संविधान (42वां संशोधन) अधिनियम, 1976 के माध्यम से इसे समवर्ती सूची में शामिल किया गया।
बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 1 अप्रैल 2010 से प्रभावित हुआ।
संविधान (86वां संशोधन) अधिनियम, 2002 के माध्यम से भारत के संविधान में अनुच्छेद 21(क) जोड़ा गया, जिसके तहत 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार घोषित किया गया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 5+3+3+4 का नया पाठ्यक्रम ढांचा लेकर आया है, जिसमें प्रारंभिक बाल्यावस्था से लेकर माध्यमिक स्तर तक सीखने को अधिक अनुभवात्मक, खेल-आधारित, गतिविधि-आधारित और दक्षता-आधारित बनाता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को लागू करने के लिए 'सार्थक' (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से छात्र और शिक्षक की समग्र उन्नति) नामक एक विस्तृत कार्यान्वयन योजना तैयार की गई है।
'निष्ठा' (नेशनल इनीशिएटिव फॉर स्कूल हेड्स एंड टीचर्स हॉलिस्टिक एडवांसमेंट) देश में शिक्षकों और विद्यालय प्रमुखों की क्षमता बढ़ाने के लिए 2019 में शुरू की गई एक प्रमुख पहल है।
कॉविड-19 महामारी के दौरान शिक्षकों के प्रशिक्षण और व्यावसायिक विकास को निरंतर बनाए रखने के उद्देश्य से वर्ष 2021 में 'निष्ठा' का ऑनलाइन शुरू 'दीक्षा' प्लेटफॉर्म के माध्यम से शुरू किया गया।
'पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया' (पीएम श्री) भारत सरकार की एक प्रमुख केंद्र प्रायोजित योजना है जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अनुरोध विद्यालय को आदर्श संस्थाओं के रूप में विकसित करना है। इस योजना का कार्यान्वयन वर्ष 2022-23 से 2026-27 की अवधि के दौरान किया जा रहा है।
'प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण' (पीएम पोषण) स्कूल शिक्षा के क्षेत्र की एक प्रमुख अधिकार-आधारित और केंद्र प्रायोजित योजना है जिससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, 2013 के अंतर्गत लागू किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य कक्षा में भूख की समस्या को दूर करना और विद्यालयों में नामांकन, उपस्थित, निरंतरता और सीखने के स्तर में सुधार लाना है।
'उन्नत भारत अभियान' की शुरुआत वर्ष 2014 में की गई थी जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों को ग्रामीण समुदायों के साथ जोड़कर समग्र ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है।
'विद्यांजलि' (विद्यालय स्वयंसेवक प्रबंधन कार्यक्रम) की शुरुआत वर्ष 2021 में की गई थी जिसका उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से विद्यालयों को सशक्त बनाना और स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
15. कल्याण
प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम अजय) एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसे 2021-22 में तीन पूर्ववर्ती योजनाओं; प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, अनुसूचित जाति उप योजना के तहत दी जाने वाली विशेष केंद्रीय सहायता और बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना के विलय से बनाया गया है। इसका उद्देश्य कौशल विकास, आय सृजन योजनाओं एवं अन्य पहल के माध्यम से अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा करके अनुसूचित जाति समुदायों की गरीबी को कम करना और अनुसूचित जाति बहुल गांवों में पर्याप्त बुनियादी ढांचे और अपेक्षित सेवाओं को सुनिश्चित करके सामाजिक-आर्थिक विकास संकेतकों में सुधार करना है।
भारत सरकार ने वर्ष 2021 में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करने और स्वतंत्रता संग्राम एवं सांस्कृतिक विरासत में उनके योगदान को स्मरण करने एवं आदिवासी क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास के प्रयासों को पुनर्जीवित करने के लिए 15 नवंबर को जनजाति गौरव दिवस के रूप में घोषित किया। यह तिथि देश के एक सम्मानित स्वतंत्रता सेनानी तथा प्रतिष्ठित आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की जयंती है।
विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर पारंपरिक कार्यक्रम और शिल्पकारों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की गई है। यह योजना 18 पहचाने गए पारंपरिक व्यवसायों में लगे भारतीय कारीगरों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को बायोमिट्रिक आधारित पीएम विश्वकर्मा पोर्टल का उपयोग करके सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से निःशुल्क पंजिकृत किया जाएगा। उन्हें पीएम विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र और पहचान-पत्र के माध्यम से मान्यता प्रदान की जाएगी। साथ ही बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण और 15000 रुपए के टूलकिट प्रोत्साहन सहित कौशल उन्नयन के साथ एक लाख तक कोलैटरल मुक्त क्रेडिट सहायता और 2 लाख तक डिजिटल लेनदेन और विपणन सहायता के लिए प्रोत्साहन के अलावा, 5% की रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय इस योजना का नोडल मंत्रालय है।
'प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान' एक ऐसा कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है, जिसमें 9 मंत्रालयों के माध्यम से 11 महत्वपूर्ण हस्तक्षेपों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह कार्यक्रम 2023 में शुरू किए गए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) की सफलता पर आधारित है।
भीख मांगने वाले व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास के लिए 'आजीविका और उद्यम के लिए हाशिए पर पड़े व्यक्तियों को सहायता' (स्माइल) योजना तैयार की गई है। इसके दिशा-निर्देश 2023 में जारी किए गए। इस योजना का उद्देश्य देश को 'भिक्षावृत्ति मुक्त भारत' बनाना और विभिन्न हितधारकों और आम जनता के साथ समन्वित कार्रवाई तथा अभिसरण के माध्यम से भीख मांगने वाले व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास के लिए रणनीति बनाना है। यह योजना वर्तमान में 30 शहरों/कस्बों में लागू की जा रही है, जिनमें तीर्थस्थल/धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल शामिल हैं।
'प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही' (पीएम दक्ष) योजना एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे 2020-21 में विभिन्न लक्ष्य समूह हो जैसे अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, गैर अधिसूचित जनजातियों, ईडब्ल्यूएस, सफाई मित्र सहित कचरा बनने वालों आदि की योग्यता के स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, ताकि उन्हें उनके सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए स्वरोजगार और मजदूरी-रोजगार दोनों में रोजगार योग्य बना बनाया जा सके। यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 तक चलेगी।
'प्रधानमंत्री विरासत का संवर्द्धन' (पीएम विकास) एक व्यापक योजना है जिसमें अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की 5 मौजूदा योजनाओं; सीखो और कमाओ, उस्ताद, हमारी धरोहर, नई रोशनी और नई मंजिल जैसी योजनाएं शामिल की गई हैं। इस योजना का उद्देश्य कौशल विकास और प्रशिक्षण, महिला नेतृत्व और उद्यमिता को बढ़ावा देना और साथ ही मुक्त विद्यालयी शिक्षा के माध्यम से शिक्षा सहायता प्रदान करके लोगों को लाभान्वित करना है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 2021-22 से 2025-26 तक 15वें वित्त आयोग की अवधि के दौरान कार्यान्वयन के लिए महिलाओं की संरक्षा, सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए अंब्रेला स्कीम के रूप में एक समेकित महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम 'मिशन शक्ति' तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य संस्थागत और अभिसरण तंत्र के माध्यम से मिशन मोड में हस्तक्षेप को मजबूत बनाना है। 'मिशन शक्ति' का उद्देश्य मंत्रालयों, विभागों और शासन के विभिन्न स्तरों में अभिसरण, पंचायती राज संस्थाओं और अन्य स्थानीय स्वशासन निकायों की अधिक भागीदारी और सहयोग तथा जनसहभागिता के माध्यम से राष्ट्र-निर्माण में समान भागीदार बनाकर जीवन-चक्र निरंतरता में महिलाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों का समाधान करके महिला प्रेरित विकास के प्रति सरकार के दृष्टिकोण को साकार करते हुए सेवा वितरण की अंतिम लाभार्थी की ट्रैकिंग के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
'बच्चों के लिए पीएम केयर्स योजना' 2021 में उन बच्चों की सहायता के लिए शुरू की गई थी जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण माता-पिता दोनों या जीवित माता-पिता या कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता को खो दिया है। योजना का उद्देश्य निरंतर तरीके से बच्चों की व्यापक देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्वास्थ्य बीमा के माध्यम से उनकी सेहत की देखभाल उन्हें शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना और 23 वर्ष की आयु तक पहुंचने तक वित्तीय सहायता के साथ आत्मनिर्भर अस्तित्व के लिए तैयार करना है।
16. कृषि
2011 की जनगणना के आधार पर भारत में कुल कार्यबल का 54.6% कृषि और संबद्ध क्षेत्र की गतिविधियों में लगा हुआ है। 2022-23 के दौरान वर्तमान मूल्य पर भारत के सकल मूल्यवर्द्धन (जीवीए) में कृषि और संबंधित क्षेत्र का योगदान 18.4% है। हमारे देश के भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 54.8% कृषि भूमि है। शुद्ध बुवाई वाला क्षेत्र कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 42.8% है।
2050-51 की तुलना में 2021-22 में कुल फसल क्षेत्र में 66.5% की वृद्धि हुई है। 2021-22 के दौरान शुद्ध सिंचित क्षेत्र 77.9 मिलियन हेक्टेयर था, जिसमें से 24.7% नहर स्रोत से, 2.8% तालबों से, 47.3% नलकूपों से, 13.2% अन्य कुओं से और शेष 12% अन्य स्रोतों से सिंचित है। 2021-22 में सकल सिंचित क्षेत्र 120.3 मिलियन हेक्टेयर अनुमानित है, जो सकल क्षेत्र का 54.9% था।
राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसो) द्वारा जारी राष्ट्रीय आय 2022-23 के अनंतिम अनुमानों के अनुसार, कृषि तथा संबद्ध क्षेत्रों ने 2022-23 के दौरान वर्तमान मूल्यों पर भारत के सकल मूल्यवर्द्धन (जीवीए) में लगभग 18.4% का योगदान दिया है।
भारत के कृषि अनुसंधान एवं विकास में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जो 2010-11 में कृषि सकल घरेलू उत्पाद के 0.87% से घटकर 2020-21 तक 0.60% रह गया है।
भारत दुनिया में चीनी का सबसे बड़ा उत्पादक होने के साथ-साथ सबसे बड़ा उपभोक्ता भी है। शुगर सीजन 2024-25 में देश में 534 कार्यरत चीनी कारखाने हैं, जिनमें लगभग 400 लाख मिट्रिक टन चीनी उत्पादन करने की पर्याप्त पेराई क्षमता है।
शुगर सीजन 2021-22 के दौरान लगभग 110 लाख मिट्रिक टन चीनी का निर्यात करने के बाद भारत दुनिया में चीनी का सबसे बड़ा उत्पादक और दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया।
देश में पशुधन क्षेत्र का सकल मूल्य संवर्द्धन मूल्यवर्द्धन (जीवीए) 2023-24 के दौरान लगभग 1505615 करोड़ रुपए (वर्तमान मूल्यों पर) था, जो कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के मूल्यवर्द्धन जीवीए का लगभग 30.87% था और समग्र जीवीए का लगभग 5.5% था।
गिर, कांकरेज और साहीवाल नस्लों में अनुवांशिक सुधारों के कारण 2010 से 2023 तक दुग्ध उत्पादन में 53.71% की वृद्धि और पहली बार ब्याने की उम्र में 16.73% की कमी आई है।
भारत दुनिया में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक बना हुआ है। 2023-24 में दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता लगभग 471 ग्राम/व्यक्ति/दिन थी।
भारत विश्व में अंडा उत्पादन में दूसरे स्थान पर है और विश्व स्तर पर मांस उत्पादन में चौथे स्थान पर है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है जो वैश्विक उत्पादन में 8% का योगदान देता है। देश जलीय कृषि उत्पादन में भी दूसरे स्थान पर है। देश झींगा उत्पादन और निर्यात में विश्व स्तर पर अग्रणी है और कैप्चर फिशरीज में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।
भारत की सहकारिता क्षेत्र में क्षमता निर्माण को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सरकार ने जुलाई 2025 में गुजरात के आणंद में देश के पहले राष्ट्रीय स्तर के सहकारी विश्वविद्यालय 'त्रिभुवन' सहकारी विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी। इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य सहयोग, नवाचार और रोजगार की त्रिवेणी को साकार करना है। साथ ही प्रशिक्षित जनशक्ति और सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ जमीनी स्तर के संस्थानों को सशक्त बनाना है।
सरकार ने जुलाई 2025 में 'राष्ट्रीय सहकारिता नीति, 2025' प्रस्तुत की, जो 'सहकार से समृद्धि' के विजन को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस नीति में 2034 तक सकल घरेलू उत्पाद में सहकारी क्षेत्र के योगदान को तीन गुना करने, 50 करोड़ सक्रिय सदस्यों को इसके दायरे में लाने तथा सहकारी समितियां की संख्या में 30% तक विस्तार करने तथा प्रत्येक गांव में कम से कम एक सहकारी समिति सुनिश्चित करने का महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया गया है।
भारत में सहकारिता मंत्रालय, संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 'अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025' को 'सहकारिताएं एक बेहतर विश्व का निर्माण करती हैं' विषय के साथ मना रहा है।
17. खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले
सार्वजनिक वितरण प्रणाली आपूर्ति श्रृंखला अनुकूलन 'अन्न चक्र' भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को सुव्यवस्थित करने के लिए एक प्रमुख पहल है। उन्नत एल्गोरिद्म का उपयोग करते हुए यह किसानों से लेकर 4.37 लाख से अधिक उचित मूल्य की दुकानों (एफपीसी) तक आपूर्ति श्रृंखला में खाद्यान्न परिवहन मार्गों को अनुकूलित करता है, जिससे दक्षता बढ़ती है, ईंधन का उपयोग कम होता है और रसद लागत में कटौती होती है। इस परियोजना में 31 राज्यों और 6700 गोदामों को शामिल किया गया है और इससे सालाना लगभग 250 करोड़ रुपए की बचत होने का अनुमान है।
देशभर में एफसीआई द्वारा सालाना लगभग 40 मिलियन टन खाद्यान्न का परिवहन किया जाता है। इस परिवहन का 85% भाग रेल मार्ग से संपन्न होता है।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्य एजेंसियों द्वारा 1 सितंबर 2025 की स्थिति के अनुसार, चावल और गेहूं का कुल स्टॉक 702.03 लाख टन था, जिसमें 369.06 लाख टन चावल और 332.97 लाख टन गेहूं शामिल था।
अन्नपूर्णा योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा लागू की जाती है। इस योजना के अंतर्गत 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के ऐसे जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 10 किलोग्राम नि:शुल्क खाद्यान्न प्रदान किया जाता है, जिन्हें राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (एनओएपीएस) के अंतर्गत पेंशन नहीं मिल रही है।
पिछले 1 वर्ष से खाना पकाने के तेलों की कीमतों में हो रही लगातार वृद्धि को नियंत्रित करने के उद्देश्य से 30 मई 2025 को केंद्र सरकार ने कच्चे खाद्य तेलों पर मूल सीमा शुल्क 20% से घटकर 10% कर दिया। इससे कच्चे तेलों पर प्रभावी शुल्क 16.5% हो जाता है, जिसमें 5% कृषि और संरचना और विकास उपकार शामिल है।
परिष्कृत तेलों के लिए मूल सीमा शुल्क 32.5% पर परिवर्तित रहा है। इससे परिष्कृत तेलों पर प्रभावी शुल्क 35.75% हो जाता है।
आयातित तेलों की कुल मात्रा में से पाम आयल लगभग 59% है और मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से आयात किया जाता है, जबकि सोयाबीन तेल का हिस्सा लगभग 23% है, जो अर्जेंटीना और ब्राजील से आयात किया जाता है, और सूरजमुखी तेल का हिस्सा 17% है, जो मुख्य रूप से यूक्रेन, रूस और अर्जेंटीना से आयात किया जाता है। देश में खपत होने वाले खाद्य तेलों का लगभग 50% आयात के माध्यम से पूरा किया जाता है।
घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए दालों के सुचारू तथा निर्बाध आयात को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अरहर और उड़द का आयात 31 मार्च 2026 तक 'मुक्त श्रेणी' के अंतर्गत रखा गया है, और मसूर आयात पर 10% आयात शुल्क लगाया गया है। इसके अतिरिक्त सरकार ने देसी चने की शुल्क मुक्त आयात की भी 31 मार्च 2025 तक अनुमति थी दी थी, जिसके बाद बाजार की स्थिति में बदलाव के कारण 10% शुल्क लगा दिया गया। इसके अलावा सरकार ने पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात को 31 मार्च 2026 तक की अनुमति दी है।
भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का सकल मूल्यवर्धन बा में योगदान 2012-13 में 1.3 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 2023-24 में 2.34 लाख करोड़ रुपए रहा, जिसकी 2023-24 के दौरान (पहले संशोधित अनुमान के अनुसार) देश के विनिर्माण सकल मूल्यवर्द्धन मूल्यवर्द्धन (जीवीए) में हिस्सेदारी 7.93% है। यह क्षेत्र 2022-23 के नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार कुल पंजीकृत/संगठित क्षेत्र में रोजगार का 12.5% योगदान देता है।
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र 2024-25 में कुल कृषि-खाद्य निर्यात में 20.4% का योगदान देता है। 2014-25 के दौरान कुल 7.33 बिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त हुआ। खाद्य संस्करण उद्योगों में स्वत: अनुमोदन मार्ग के अंतर्गत 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति है।
18. आयोजना
राज्य सहायता मिशन (एसएसएम) नीति आयोग की एक व्यापक पहल है जिसकी घोषणा वित्त वर्ष 2023-24 की केंद्रीय बजट में की गई थी, जिसका उद्देश्य राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ व्यवस्थित और संस्थागत जुड़ाव को बढ़ावा देना है। इसके तहत नीति आयोग इच्छुक राज्यों को राज्य परिवर्तन संस्थान (स्टेट इंस्टिट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन) स्थापित करने में सहायता करता है, जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विकास रणनीतियों को दिशा देने के लिए एक बहु-विषयक संसाधन के रूप में कार्य कर सकता है।
जनवरी 2018 में शुरू किए गए आकांक्षी जिला कार्यक्रम (एडीपी) का उद्देश्य देशभर के 112 सबसे कम विकसित जिलों को तेजी से और प्रभावी ढंग से बदलना है।
नीति आयोग ने 'सिटी-रीजन ग्रोथ हब' नामक के पायलट का हाल की है जो शहरों को मेगा ग्रोथ हब के रूप में बढ़ावा देते हुए बहुत क्षेत्रीय दृष्टिकोण के माध्यम से शहरी क्षेत्र के समावेशी विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चयनित शहरी क्षेत्रों में मुंबई (मेगा), सूरत (बड़ा), विशाखापट्टनम (बड़ा) और वाराणसी (मध्यम) शामिल हैं।
यूएनडीपी की वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक, 2025 की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने गरीबी कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। जनवरी 2024 में जारी '2005-6 से भारत में बहुआयामी गरीबी पर नीति आयोग की चर्चा-पत्र के अनुसार 2013-14 से 2022-23 के बीच 9 वर्षों में भारत में 24.52 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं। भारत में बहुआयामी गरीबी में 2013-14 की 29.17% से 2022-23 में 11.28% तक की महत्वपूर्ण गिरावट यानी 17.89% की कमी दर्ज की है। इस दौरान उत्तर प्रदेश में गरीबों की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट आई है, इसके बाद बिहार और फिर मध्य प्रदेश का स्थान आता है।
19. ग्रामीण विकास
केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना, 2005 को प्रतिस्थापित करने हेतु 'विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) योजना' लागू करने की पहल की है। इस नई योजना में रोजगार गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। 21 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति ने की स्वीकृति के बाद इसे अधिसूचित कर दिया गया है।
सरकार ने वर्ष 2023 में 'वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम' (वीवीपी) को एक केंद्रीय प्रायोजित योजना के रूप में मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उत्तरी सीमा से सटे राज्यों के 19 जिलों के 46 ब्लॉकों में चयनित गांव का समग्र विकास करना है।
20. आवास और शहरी मामले
भारत के शहर देश की कुल भूमि के केवल 3% हिस्से पर बसे हैं, लेकिन देश के जीडीपी में उनका योगदान 60% है। 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की 31.6% आबादी यानी 37.71 करोड़ लोग शहरी क्षेत्र में रहते हैं।अनुमान है कि 2031 तक यह संख्या बढ़कर लगभग 60 करोड़ हो जाएगी। भारत में 53 ऐसे शहर है जिनकी आबादी 10 लाख से अधिक है।
नव प्रवर्तन, एकीकरण और स्थायित्व के लिए शहर निवेश 2.0 (सीआईटीआईएस 2.0) की शुरुआत 2023 में हुई थी। इस कार्यक्रम की संकल्पना मंत्रालय द्वारा फ्रांसीसी विकास एजेंसी (एएफडी), जर्मन विकास बैंक (केएफडब्ल्यू), यूरोपीय संघ और राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (एनआईयूए) के सहयोग से की गई। एक प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से सीआईटीआईएस 2.0 के लिए 18 स्मार्ट शहरों का चयन किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश के आगरा और बरेली भी शामिल हैं।
21. परिवहन
रेलवे बजट को वित्तीय वर्ष 1924-25 से संसद में अलग से प्रस्तुत किया जाता था। वित्तीय वर्ष 2017-18 से सरकार ने रेलवे बजट का आम बजट में विलय कर दिया है।
2024-25 में 1617 मिलियन माल ढुलाई के साथ ही भारतीय रेलवे विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मालवाहक रेल प्रणाली बन गई है।
हरियाणा के जींद-सोनीपत मार्ग पर प्रस्तावित पहली हाइड्रोजन ट्रेन लगभग 2600 यात्रियों की क्षमता वाली विश्व की सबसे लंबी और शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
भारत में लगभग 63.5 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है जो विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क है। राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक है। यद्यपि राष्ट्रीय राजमार्ग कल सड़क नेटवर्क का लगभग 2% है लेकिन इन पर देश के कुल सड़क यातायात का लगभग 40% भार वहन किया जाता है।
समुद्री परिवहन, मात्रा के आधार पर भारत के लगभग 95% तथा मूल्य के आधार पर लगभग 68% विदेशी व्यापार का वहन करता है।
22. ऊर्जा
30 नवंबर 2025 तक देश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता में थर्मल ऊर्जा का 48.45%, परमाणु ऊर्जा का 1.72% और नवीकरणीय ऊर्जा का 49.83% योगदान है।
मार्च 2014 में विद्युत उत्पादन 249 गीगावॉट था, जो अक्टूबर 2025 तक बढ़कर 505 गीगावॉट हो गया है गैर जीवाश्म क्षमता की हिस्सेदारी 2014 के 32% से बढ़कर अक्टूबर 2025 तक 51% हो गई है।
भारत नवीकरणीय ऊर्जा स्थापित क्षमता के मामले में विश्व में चौथे स्थान पर एवं पवन ऊर्जा उत्पादन क्षमता में भी चौथे स्थान पर है।
भारत की प्रति व्यक्ति विद्युत खपत 957 किलोवॉट घंटा (2014) से बढ़कर 1460 किलोवॉट घंटा (2025) हो गई है।
उत्पादन क्षमता और वितरण में और साधारण उपलब्धि के कारण देश में विद्युत की कमी 4.2% (2014) से घटकर 0.03% (2025) रह गई है।
अगस्त 2022 में भारत ने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) को अपना अद्यतन राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान प्रेषित किया, जिसमें 2030 तक अपने जीडीपी की उत्सर्जन तीव्रता को 45% (2005 के स्तर से नीचे) कम करने का लक्ष्य रखा गया और 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा संसाधन से 50% संचयी विद्युत शक्ति स्थापित क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया। सितंबर 2025 तक भारत ने अपनी उर्जा संक्रमण यात्रा में वर्ष 2025 में ही गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से अपनी विद्युत शक्ति स्थापित क्षमता का 50% प्राप्त करके एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। आज की तारीख तक उत्सर्जन तीव्रता 2005 के स्तर से 36% कम हो गई है। गैर-जीवाश्म क्षमता की हिस्सेदारी 2014 के 32% से बढ़कर 2025 में 51% हो गई है।
वैश्विक जनसंख्या का 17.5% हिस्सा होने के बावजूद 1850 से 2019 तक संचयी वैश्विक ग्रीनहाउस गैस सर्जन में भारत का योगदान 4% से भी कम है।
भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा और चीन के बाद एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रिफाइनर है।
अगस्त 2025 में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) अपनी पानीपत रिफाइनरी में सतत विमानन ईंधन (एसएएफ) उत्पादन के लिए आईएससीसी कोर्सिया प्रमाणन प्राप्त करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई है।
कोयला भारत की 74% विद्युत को शक्ति प्रदान करता है।
भारत ने 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा संसाधनों से लगभग 50% संचयी विद्युत शक्ति स्थापित क्षमता प्राप्त करने की प्रतिबद्धता जताई है।
नवंबर 2025 में सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता 132.85 गीगावॉट तक पहुंच गई है, जो नवंबर 2024 में 94.17 गीगावॉट की तुलना में 41% से अधिक की वृद्धि है।
नवंबर 2025 में पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता 53.99 गीगावॉट पहुंच गई, जो नवंबर 2024 में 47.96 गीगावॉट की तुलना में 12.5% अधिक की वृद्धि है।
23. जल संसाधन
भारत में विश्व की 17.7% जनसंख्या निवास करती है किंतु यहां दुनिया के मात्र 4% नवीकरणीय जल संसाधन और 2.4% भू-भाग ही उपलब्ध है।
नर्मदा मुख्य नहर विश्व की सबसे बड़ी कंक्रीट-लाइन वाली सिंचाई कंटूर नहर है, जो गुजरात में सरदार सरोवर बांध से निकलती है, और लगभग 458.318 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद गुजरात-राजस्थान सीमा पर प्रवेश करती है, जहां से यह राजस्थान में लगभग 74 किलोमीटर आगे तक विस्तृत है।
'जल शक्ति अभियान : कैच द रेन' (वर्ष 2019 में शुरू) के अंतर्गत 'जल संचय जन भागीदारी' पहल की शुरुआत 6 सितंबर 2024 को सूरत, गुजरात में की गई थी। इस पहल का उद्देश्य विभिन्न हितधारकों के सक्रिय सहयोग और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से जलभृत और बोरवेल पुनर्भरण, रिचार्ज शॉफ्ट तथा वर्षा जल संचय के जरिए जल संरक्षण और पुनरबाहरण को बढ़ावा देना है। 'जल शक्ति अभियान : कैच द रेन' की शुरुआत 31 मई 2025 तक एक मिलियन भूजल पुनर्भरण संरचनाओं बनाने के लक्ष्य के साथ की गई थी। 2024 में इस लक्ष्य की प्राप्ति के साथ ही 2025 के लिए इस लक्ष्य को संशोधित कर 10 मिलियन कर दिया गया है।
24. पर्यावरण
भारत और इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस के बीच समझौते पर 17 अप्रैल 2025 को हस्ताक्षर किए गए थे, जिसके बाद नई दिल्ली में इंटरनेशनल बिग कैट एलाइंस सचिवालय की स्थापना की गई है। भारत सहित कुल 37 देशों ने इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने की अपनी सहमति दी है।
विश्व के कुल एशियाई हाथियों की आबादी का 60% हिस्सा भारत में निवास करता है।
भारत सरकार ने देशभर में मैंग्रोव पारिस्थितिकी-तंत्र की पुनरुद्धार और संरक्षण हेतु 'मैंग्रोव इनीशिएटिव फॉर शोरलाइन हैबिटेट्स एंड टैंजिबल इनकम्स (एमआईएसएचटीआई) अर्थात 'मिष्टी' योजना की शुरुआत की है।
अर्ध भूमि के संरक्षण से संबंधित रामसर स्थलों की संख्या के मामले में भारत के पास एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है।
भारत में पहली बार जनवरी 2025 में राजस्थान के उदयपुर और मध्य प्रदेश के इंदौर को रामसर कन्वेंशन के तहत 'वेटलैंड सिटी' (आर्द्रभूमि शहर) के रूप में मान्यता दी गई है।
'मिशन लाइफ' (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) पहल को प्रधानमंत्री द्वारा 2021 में ग्लासगो में कॉप-26 के दौरान पेश किया गया था। प्रधानमंत्री ने 20 अक्टूबर 2022 को गुजरात के केवड़िया में औपचारिक रूप से इसका शुभारंभ किया था।
केन्या के नैरोबी में 1 मार्च 2024 को आयोजित संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा के छठे सत्र में 'टिकाऊ जीवन शैली को बढ़ावा देने' पर भारत का प्रस्ताव सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया, जिसे श्रीलंका और बोलीविया द्वारा सह-प्रायोजित किया गया था।
25. संचार और सूचना प्रौद्योगिकी
डाक विभाग, अपने 164999 डाकघरों के नेटवर्क (31 मार्च 2025 तक) के साथ दुनिया का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क है।
भारतीय डाक द्वारा में 2025 में एक नई डाक सेवक 'ज्ञान डाक' शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य भारत के विशाल डाक नेटवर्क के माध्यम से पूरे भारत में शैक्षिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पुस्तकों की आपूर्ति को और अधिक किफायती बनाना है।
भारत 1874 में 'यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन' (यूपीयू) के गठन के 2 साल बाद 1876 से इसका सदस्य देश है। यूपीयू 192 सदस्य देशों का एक संगठन है जो डाक संबंधों को बढ़ावा देता है। भारत 31 अन्य सदस्य देशों के साथ 'एशिया प्रशांत डाक संघ' (एपीपीयू) का भी सदस्य है।
भारत में कुल दूरसंचार घनत्व जो मार्च 2014 में 75.23% था, वह जुलाई 2025 में बढ़कर 86.16% हो गया। ग्रामीण दूरसंचार घनत्व मार्च 2014 की 44.01% से बढ़कर जुलाई 2025 में 59.19 प्रतिशत रहा। इस अवधि के दौरान शहरी दूरसंचार घनत्व 145.46% से घटकर 134.10% हो गया।
भारत में इंटरनेट ग्राहकों की संख्या मार्च 2014 से मार्च 2025 के बीच 285.33% की वृद्धि हुई है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 256.38% और शहरी क्षेत्र में 173.85% की वृद्धि हुई है। इंटरनेट घनत्व मार्च 2015 के 24.09% से बढ़कर मार्च 2025 में 68.63% हो गया है।
भारत में 5जी सेवाएं पहली बार 2022 में लॉन्च की गईं। लॉन्च के बाद से भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते 5जी नेटवर्क में से एक बन गया है।
भारत का 6जी विजन जिसे 'भारत 6जी विजन' के रूप में जाना जाता है एक दूरदर्शी दस्तावेज है जिसका लक्ष्य भारत को 2030 तक 6जी प्रौद्योगिकी के डिजाइन, विकास और तैनाती में अग्रणी बनाना है।
नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स, 2024 रिपोर्ट के अनुसार भारत में 49वें स्थान पर पहुंच गया है जबकि 2023 की रिपोर्ट के अनुसार यह 60वें स्थान पर था।
26. जनसंचार
प्रसार भारती वर्तमान में अपने रेडियो नेटवर्क के माध्यम से पूरे देश में जनसंख्या के माध्यम से 98% और क्षेत्र के माध्यम से 90% और टीवी नेटवर्क के सैटेलाइट मोड के माध्यम से लगभग 100% तक पहुंचता है। प्रसार भारती के पास वर्तमान में देशभर में 591 आकाशवाणी प्रसार इंस्टॉलेशन (प्रतिष्ठापन) और 66 दूरदर्शन केंद्र हैं।
वर्तमान में आकाशवाणी के पास देश भर में 626 एफएम ट्रांसमीटरों का एक बड़ा नेटवर्क है जिससे यह देश की लगभग 74.75% आबादी और 60.5% भौगोलिक क्षेत्र तक अपनी पहुंच बनता है।
वर्ष 2023 के लिए 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन सितंबर 2023 में किया गया। '12वीं फेल' फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार जीता जबकि शाहरुख खान और विक्रांत मेस्सी को क्रमशः 'जवान' और '12वीं फेल' के लिए संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया। रानी मुखर्जी ने 'मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान प्राप्त किया। मोहनलाल को प्रतिष्ठित 'दादा साहब फाल्के पुरस्कार' से नवाजा गया। सुदीप्तो सेन को 'द केरल स्टोरी' के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिला, वहीं 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' और 'सैम बहादुर' ने क्रमशः मनोरंजन और मूल्यों के आधार पर प्रमुख पुरस्कार प्राप्त किए।
विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स 2025) का पहला संस्करण सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तत्वाधान में एनएफडीसी द्वारा इस क्षेत्र के भारतीय उद्योग संघों के सहयोग से 1 से 4 मई 2025 तक नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा जिओ वर्ल्ड सेंटर, मुंबई में उद्घाटित भारत के इस अपनी तरह के पहले शिखर सम्मेलन का उद्देश्य भारत को कंटेंट-क्रिएशन का एक वैश्विक केंद्र बनाना है।
27. संस्कृति और पर्यटन
विविधता का अमृत महोत्सव (दूसरा संस्करण) का आयोजन एसजेडसीसी, तंजावुर द्वारा 5 से 9 मार्च 2025 तक राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में किया गया।
दक्षिण क्षेत्र संस्कृति केंद्र (एसजेडसीसी) तंजावुर ने चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की जयंती और गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर के निर्माण और दक्षिण-पूर्व एशिया के समुद्री अभियान के प्रारंभ के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में 'आदि थिरिवथिरई महोत्सव' का आयोजन किया गया, जो 23 से 29 जुलाई 2025 तक गंगईकोंड चोलपुरम में आयोजित किया गया। इस दौरान एक स्मारक सिक्का और साहित्य अकादमी द्वारा तैयार किए गए 'थेवरम' गीतों पर एक पुस्तिका का विमोचन किया गया तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा शैव सिद्धांत पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
28 जून 2025 - आचार्य श्री विद्यानंदजी की 100वीं जयंती - इस अवसर पर एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया गया।
31 मई 2025 - अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती - प्रधानमंत्री द्वारा भोपाल के जम्बूरी मैदान में कार्यक्रम का आयोजन और अहिल्याबाई पर एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया गया।
25 जून 2025 - संविधान हत्या दिवस (आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ) - संस्कृति मंत्रालय ने त्यागराज स्टेडियम, नई दिल्ली में संविधान हत्या दिवस मनाया।
9 जुलाई 2025 को शुभारंभ समारोह - डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती - संस्कृति मंत्रालय द्वारा दो वर्षीय राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव (2025-27) का शुभारंभ एवं स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया गया।
28. विज्ञान और प्रौद्योगिकी
केंद्रीय बजट 202526 में राष्ट्रीय भू-स्थानिक मिशन की घोषणा की गई, जिसे आधारभूत भू-स्थानिक डाटा के माध्यम से भूमि अभिलेखों, शहरी नियोजन और बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए 2031 तक लागू किया जाएगा।
सड़क निर्माण में केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरारआई) की क्रांतिकारी प्रौद्योगिकियां: सीएसआईआर-सीआरआरआई की तकनीक पर आधारित दुनिया की पहली 'स्टील स्लैग' सड़क गुजरात के हजीरा में एक निजी बंदरगाह पर बनाई गई है।
भारत की जैव अर्थव्यवस्था 2014 में 10 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2024 में 165.7 बिलियन डॉलर से अधिक हो गई है जिसके 2030 तक 300 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का अनुमान है। भारत जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दुनिया में 12वें स्थान पर है, एशिया प्रशांत में तीसरे स्थान पर है, वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकी-तंत्र है, और दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्माता है।
भारत की कुल विद्युत उत्पादन में परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी लगातार लगभग 3% रही है, जो 2024-25 में 3.1% थी, और वर्तमान में परमाणु क्षमता 8.78 गीगावॉट है।
29. युवा कार्यक्रम और खेल
'मेरा युवा भारत' (माई भारत), एक स्वायत्त निकाय है जो युवा विकास और युवा-नेतृत्व वाले विकास के लिए एक शक्तिशाली डिजिटल प्लेटफॉर्म का समर्थन करता है। यह युवाओं को अपनी आकांक्षाओं को साकार करने और 2047 तक 'अमृत भारत' बनाने के लिए अवसरों तक समान पहुंच प्रदान कर रहा है।
भारत में 8 मार्च से 13 मार्च 2025 तक नई दिल्ली में 'विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रीक्स, 2025' की मेजबानी की। 20 देशों के कुल 283 पैरा-एथलीटों इन खेलों में भाग लिया। भारत ने 45 स्वर्ण, 40 रजत और 49 कांस्य सहित कुल 134 पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
भारत में 13 से 19 जनवरी 2025 तक नई दिल्ली में 'पहला खो-खो विश्व कप' की मेजबानी की। इसमें 23 देशों की टीमों ने भाग लिया, जिसमें 20 पुरुष और 19 महिला टीमें शामिल थीं। भारत ने पहले संस्करण में पुरुष और महिला दोनों वर्ग के खिताब जीते और पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा।
Written by AMBUJ KUMAR SINGH
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